पासी समाज का गौरवशाली इतिहास -अंशुल वर्मा पूर्व सांसद हरदोई
नई दिल्ली, फरवरी 07: मदारी पासी आज भी अवध के लोकगीतों और कथाओं में जीवित हैं, लेकिन मुख्यधारा इतिहास में उन्हें कम ही स्थान मिला...
नई दिल्ली, फरवरी 07: मदारी पासी आज भी अवध के लोकगीतों और कथाओं में जीवित हैं, लेकिन मुख्यधारा इतिहास में उन्हें कम ही स्थान मिला...